आजकल सब लोग अपने काम में काफी व्यस्त हो गये है, खास करके वह लोग जो corporate jobs करते है। 9-5 की नौकरी में अक्सर ऐसा होता है कि आपके पास खुद के लिए समय नहीं होता, जिससे आप अपनी सेहत और खानपान का ध्यान नहीं रख पाते। अधिकतर समय ऑफिस में बिता देने के कारण शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, और इसका असर स्वास्थ्य पर दिखने लगता है। एक प्रमुख समस्या जो इस कारण उत्पन्न हो सकती है, वह है हाई बीपी।
इस आर्टिकल में हम हाई बीपी और शारीरिक गतिविधियों के बीच के संबंध को समझेंगे।
हाई बीपी क्या है?
हाई बीपी एक मेडिकल कंडीशन है जिसमे blood vessels में ब्लड का दबाव सामान्य से अधिक बढ़ जाता है। यदि यह दबाव लंबे समय तक बना रहता है, तो यह दिल, गुर्दे, मस्तिष्क और आंखों जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। हाई बीपी को हम अक्सर ‘साइलेंट किलर’ के नाम से भी जानते है, क्योंकि यह बिना किसी चेतावनी के होता है और इसके शुरुआती लक्षण भी कम होते हैं।
अस्वस्थ आहार, तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी, और अत्यधिक वजन हाई बीपी के प्रमुख कारण है।
शारीरिक गतिविधियों की कमी और हाई बीपी के बीच का संबंध
Corporate jobs में लोग अक्सर अधिकतर समय अपनी desks पर बिता देते है। लंबी मीटिंग्स और स्क्रीन पर काम करना कब इनएक्टिव लाइफस्टाइल में बदल जाता है पता ही नहीं चलता। ऐसी लाइफस्टाइल से शारीरिक गतिविधियां के लिए समय बिलकुल ख़तम होता जा रहा है। क्या आप जानते है कि शारीरिक गतिविधियों की कमी की वजह से आप हाई बीपी जैसी बीमारी के शिकार हो सकते है।
जी हाँ, अब हाई बीपी सिर्फ genetics या उम्र से संबंधित नहीं रही। हमारी लाइफस्टाइल का भी इसमें बहुत बड़ा रोल है। जब हम शरीर को एक्टिव नहीं रखते हैं, तो हमारे blood circulation की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इससे blood vessels में अधिक दबाव बनता है, और यह हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है। शारीरिक गतिविधियां हमारे शरीर में ब्लड फ्लो को बेहतर बनाती हैं और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
शारीरिक गतिविधियों की कमी से कैसे हाई बीपी का खतरा बढ़ सकता है?
जैसा की आपने ऊपर पढ़ा की शारीरिक गतिविधियों से हमारे शरीर में ब्लड का फ्लो बना रहता है। वही इसकी कमी से हाई बीपी जैसे बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। आइये जानते है कैसे।
- रक्त संचार में कमी: शारीरिक गतिविधियों की कमी से blood vessels में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
- Metabolism धीमा होना: शारीरिक गतिविधियों का अभाव शरीर के metabolism को स्लो कर देता है, जिससे वजन बढ़ता है, और मोटापा हाई बीपी का एक प्रमुख कारण बन सकता है।
- तनाव: शारीरिक गतिविधियों से मानसिक तनाव कम होता है, लेकिन इन एक्टिव लाइफस्टाइल से तनाव और चिंता का स्तर बढ़ सकता है, जो हाई बीपी का कारण बनता है।
- दिल की functionality में कमी: नियमित शारीरिक गतिविधियां दिल को स्वस्थ रखती हैं। जब आप एक्टिव नहीं रहते हैं, तो दिल की functionality प्रभावित होती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का ख़तरा होता है।
- Blood Vessels का सिकुड़ना: अगर आप एक्टिव नहीं है तो आपकी vessels सिकुड़ सकते है, जिससे ब्लड का दबाव अधिक हो सकता है।
- इंसुलिन resistance: शारीरिक गतिविधियों की कमी से शरीर में इंसुलिन resistance बढ़ता है, जिससे blood sugar का स्तर बढ़ता है, और इसके परिणामस्वरूप हाई बीपी की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
कौन सी शारीरिक गतिविधियां हाई बीपी को कंट्रोल करने में मदद करती हैं?
अगर आप हाई बीपी के शिकार है या आप किसी को जानते है जिससे यह समस्या है, तो आपको इनमें से कुछ प्रमुख गतिविधियों को अपने routine में शामिल करना चाहिए:
- हैलट वॉकिंग (Brisk Walking)
- योग (Yoga)
- स्विमिंग (Swimming)
- साइकिलिंग (Cycling)
- लाइट एरोबिक्स (Light Aerobics)
हाई बीपी के कारण होने वाला Financial Pressure को कम कैसे करे?
हाई बीपी का इलाज महंगा हो सकता है, खासकर यदि समय रहते इसका इलाज नहीं कराया जाए। दवाइयां, नियमित चेकअप, अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता, और अन्य मेडिकल सेवाएं सब मिलकर एक बड़ा financial burden बना सकती हैं। ऐसे में एक सही Mediclaim प्लान आपकी मदद कर सकती है। यदि आपके पास एक उपयुक्त हेल्थ इंश्योरेंस प्लान है, तो यह आपके मेडिकल खर्चे उठाने में आपकी मदद करेगी। Mediclaim प्लान्स एक सुरक्षा कवच की तरह होते है, जो आपको मेडिकल emergency में पूरा सपोर्ट करते है, ताकि आप अपनी रिकवरी पर ध्यान दे पाए।
हाई बीपी के मरीजों के लिए एक सही मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में सहायक हो सकती है।
हाई बीपी के मरीजों को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चुनते वक्त कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले, यह सुनिश्चित करें कि पॉलिसी में हाई बीपी को कवर किया गया है। इसके अलावा, इसकी कवरेज, नेटवर्क हॉस्पिटल्स, क्लेम प्रोसेस, repuation, आदि पर ध्यान देना ज़रूरी है।
निष्कर्ष
आजकल की व्यस्त जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण हाई बीपी का खतरा बढ़ता जा रहा है। शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप इस समस्या से बच सकते हैं। इसके अलावा, एक सही हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने से आप अपने मेडिकल खर्चों को कवर कर सकते हैं।
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